सत्यापन आवश्यक
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
हनुमान जी की जय, जो ज्ञान और गुण के सागर हैं। कपीश्वर की जय, जो तीनों लोकों को प्रकाशित करते हैं।
स्रोत · Hanuman Chalisa
अर्थ, भाषा समर्थन और स्रोत-लेबल के साथ आज का चयनित श्लोक।
उत्पत्ति · Traditional
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥
हनुमान जी की जय, जो ज्ञान और गुण के सागर हैं। कपीश्वर की जय, जो तीनों लोकों को प्रकाशित करते हैं।
स्रोत · Hanuman Chalisa
महत्व: Ocean of wisdom, virtue, and courage.
जीवन शिक्षा: Begin the day by remembering this chaupai.